
उन्नाव।। जनपद में अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को धरातल पर उतारने के लिए जिला पुलिस ने कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जय प्रकाश सिंह के कड़े रुख के बाद जिले भर में ‘ऑपरेशन दस्तक’ अभियान के तहत हड़कंप मचा हुआ है। शनिवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर 41 कुख्यात हिस्ट्रीशीटरों के घरों पर दस्तक दी और उनके वर्तमान क्रियाकलापों का भौतिक सत्यापन किया।
अपराधियों में खौफ, पुलिस ने खंगाला कच्चा-चिट्ठा
अभियान की शुरुआत देर रात से ही हो गई थी, जब थानों की फोर्स अपने-अपने क्षेत्रों के टॉप अपराधियों की सूची लेकर उनके ठिकानों पर पहुंची। एसएसपी जय प्रकाश सिंह के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिले की शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए। इसी क्रम में पुलिस टीमों ने हिस्ट्रीशीटरों के घर जाकर न केवल उनकी मौजूदगी दर्ज की, बल्कि उनके परिवार, आय के स्रोत और वर्तमान में उनके साथ उठने-बैठने वाले लोगों की पूरी जानकारी जुटाई।
पुलिस ने अपराधियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि यदि वे किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाए गए या किसी भी साजिश का हिस्सा बने, तो उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन गतिविधियों पर रही पुलिस की पैनी नजर
‘ऑपरेशन दस्तक’ के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से उन अपराधियों को निशाने पर लिया जो पूर्व में लूट, डकैती, हत्या और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं।
सत्यापन के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विवरण एकत्र किया:
उपस्थिति सत्यापन: अपराधी वर्तमान में घर पर रह रहा है या कहीं बाहर फरार है।
आजीविका का साधन: अपराध छोड़ने का दावा करने वाले हिस्ट्रीशीटर क्या काम कर रहे हैं।
संपर्क विवरण: अपराधी किन नए लोगों के संपर्क में है और उसके मोबाइल नंबरों की जानकारी।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की ‘दस्तक’ से अपराधियों के मन में पुलिस का भय बना रहता है और वे दोबारा अपराध करने से पहले सौ बार सोचते हैं।
एसएसपी के सख्त निर्देश: लापरवाही पर गिरेगी गाज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और बीट आरक्षियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर द्वारा कोई वारदात अंजाम दी जाती है और जांच में पाया गया कि उसका नियमित सत्यापन नहीं हो रहा था, तो संबंधित बीट इंचार्ज और थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि “यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य केवल अपराधियों को जेल भेजना नहीं है, बल्कि बाहर रह रहे अपराधियों पर इतनी कड़ी निगरानी रखना है कि वे अपराध का विचार ही त्याग दें।”


