
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में रफ्तार का कहर और ड्राइवरों की थकान मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। बीती देर रात पुरवा-उन्नाव मार्ग पर उस समय बड़ा हादसा होते-होते टला, जब दो तेज रफ्तार डीसीएम (DCM) वाहन आपस में जोरदार तरीके से टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। गनीमत यह रही कि इस भयानक भिड़ंत में दोनों चालकों की जान बाल-बाल बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
आधी रात का सन्नाटा और मौत की ‘झपकी’
हादसा पुरवा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटरा वार्ड के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, एक डीसीएम उन्नाव की दिशा से मौरावां की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी डीसीएम पुरवा कस्बे की तरफ से उन्नाव की ओर आ रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच में जो बात निकलकर सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि एक डीसीएम के चालक को अचानक नींद की ‘झपकी’ आ गई। रफ्तार अधिक होने के कारण चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और उसकी गाड़ी डिवाइडर या अपनी लेन छोड़कर सीधे सामने से आ रही दूसरी डीसीएम से जा टकराई। सन्नाटे में हुई इस टक्कर से पूरी सड़क पर मलबा बिखर गया।
पुलिस की मुस्तैदी: तुरंत शुरू हुआ राहत कार्य
टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के वार्ड निवासी और राहगीर मौके पर जमा हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुरवा कोतवाली पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारी बल के साथ मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने सबसे पहले दोनों क्षतिग्रस्त डीसीएम के केबिन में फंसे चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि इतने बड़े हादसे के बाद भी दोनों चालक सुरक्षित थे। हालांकि, उन्हें मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोतवाली पहुँचाया और सड़क के बीचों-बीच खड़े क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर यातायात बहाल कराया।
कोतवाली में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई
पुरवा कोतवाली पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी चालक ने नशे का सेवन किया था या फिर यह महज थकान की वजह से आई नींद का नतीजा था। दोनों चालकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया, “कटरा वार्ड के सामने यह हादसा हुआ है। वाहनों की स्थिति देखकर लग रहा है कि गति तेज थी। हमने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अच्छी बात यह रही कि किसी भी जान का नुकसान नहीं हुआ है।”
रफ्तार और थकान: सड़कों पर बढ़ता खतरा
पुरवा-उन्नाव मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। ट्रुथ इंडिया टाइम्स (प्रलभ शरण चौधरी) की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अक्सर लंबी दूरी तय करने वाले चालक नींद पूरी न होने के बावजूद वाहन चलाते रहते हैं। रात के 2 बजे से सुबह 4 बजे के बीच ‘झपकी’ आने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, जो ऐसे भीषण हादसों का कारण बनती है।



