
लखनऊ। कानपुर नगर में लम्बे समय तक तैनात रहे पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकांत शुक्ला पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। गृह विभाग ने उनके खिलाफ सतर्कता जांच की संस्तुति की है। आरोप है कि शुक्ला ने नौकरी के दौरान अपनी आय से कई गुना अधिक करीब 100 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित कर ली।
उत्तर प्रदेश शासन के गृह (पुलिस सेवाएं) अनुभाग-1 द्वारा 3 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि शुक्ला ने अपने परिवार, साथियों और साझेदारों के नाम पर कानपुर में 12 स्थानों पर संपत्तियां खरीदीं जिनकी अनुमानित कीमत 92 करोड़ रुपये है। इसके अलावा तीन और संपत्तियों की जानकारी मिली है जिनके दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि आर्यनगर स्थित 11 दुकानें उनके साथी देवेंद्र दुबे के नाम पर खरीदी गईं, जो बेनामी संपत्ति बताई जा रही हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शुक्ला की नजदीकी कानपुर के अखिलेश दुबे नामक व्यक्ति से रही, जो कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराने और जबरन वसूली करने वाले गिरोह का संचालन करता था।
अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ने पुलिस महानिदेशक से अनुमोदन के बाद गृह विभाग को शुक्ला के खिलाफ सतर्कता जांच कराने की संस्तुति भेजी है। शासन ने अब सतर्कता विभाग से जांच शुरू करने और जांच के बाद आगे की कार्यवाही करने को कहा है।

