
एटा । आग से झुलसे साधु रामजी लाल निवासी गौशुलपुरा को उपचार नहीं मिलने और नाली में लेट गया । उसका आरोप था कि चिकित्सकों ने इलाज नहीं किया। वार्ड से भगा दिया। जलन बहुत ज्यादा हो रही थी, जिसके चलते नाली के पानी में लेट गया।
प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह ने मंगलवार को सर्जिकल इकाई के एचओडी और सर्जन से जवाब तलब किया है। 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
चिकित्सकों ने प्राचार्य को मौखिक रूप से बताया कि मरीज मानसिक रूप से कमजोर है। कई बार भागने का प्रयास किया था। पहले दिन भाग भी गया था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया तो मिल गया। फिर से भर्ती करके उपचार शुरू किया गया। वहीं सोमवार की घटना के बाद उसे फिर वार्ड में भर्ती कर लिया गया। मंगलवार को उसका उपचार किया जा रहा था।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडलर से ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा कि एटा में झुलसे साधु को इलाज न मिलने की खबर का संज्ञान लेते हुए मैंने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए हैं कि जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें। रिपोर्ट बुधवार शाम तक उपलब्ध कराएं।



